Saturday, 15 June 2013

संग्राम परिषद की बैठक में कई प्रस्ताव पारित

गान्तोक। आज सिक्किम संग्राम परिषद की केन्द्रीय कार्यकारिणी समिति की एक सभा पार्टी मुख्यालय गान्तोक में पार्टी के अध्यक्ष नरबहादुर भंडारी की अध्यक्षता में बैठी। सभा में अध्यक्ष भंडारी ने संस्था के संविधान की धारा 11 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित सभी सदस्यों को प्रजातन्त्र के मूल्य व मान्यता के बारे में अवगत कराया। सभा में कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। पार्टी सिक्किम के चारों जिलों में सदस्यता अभियान चलाएगी। आगामी 14 जुलाई तक जिला स्तरीय समिति गठन किए जाने और 29 जून के दिन गान्तोक के पार्टी मुख्यालय में महिला संगठन की  सभा आयोजित करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। इसकी जिम्मेदारी महिला संगठन की अध्यक्षा छुंगसांग सेंगा और उपाध्यक्ष बी.के. छेत्री को सौंपी गई है। चारों जिलों में पार्टी के शाखा कार्यालय खोलने का निर्णय भी लिया गया।

गोर्खालैंड प्रस्ताव का प्रमाण पेश किए जाने की आरटीआईकर्ता की मांग

गान्तोक। सिक्किम विधानसभा में अलग राज्य गोर्खालैंड के समर्थन में पारित प्रस्ताव अगर केन्द्रीय गृह मन्त्रालय को भेजा गया था तो गृह मन्त्रालय का एक्नालिजमेन्ट दिखाया जाना चाहिए, आरटीआईकर्ता बी.पी.बजगाईं ने मांग की है। आरटीआईकर्ता बी.पी. बजगाईं ने सिक्किम विधानसभा में पारित प्रस्ताव केन्द्रीय गृह मन्त्रालय के पास नहीं पहुंचने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में गुरुवार के दिन सिक्किम सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी थी कि विधानसभा में पारित प्रस्ताव सरकार ने तत्काल ही केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया था। आरटीआईकर्ता बजगाईं ने सरकार द्वारा जारी प्रेस बयान को शामिल कर केन्द्रीय गृह सचिव से पत्रचार करने व स्पष्टीकरण की मांग करने की बात कही है। इस विषय को लेकर गृह मन्त्रालय के समक्ष पुनः आरटीआई करने की जानकारी भी आरटीआईकर्ता ने दी है।

आर.बी. राई शुरू से ही गोर्खालैंड विरोधी हैं-पदम छेत्री

गान्तोक। क्रान्तिकारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (क्रामाकपा) के केन्द्रीय अध्यक्ष आर.बी. राई ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिङ के समर्थन में जो बयान दिया है उस पर सिक्किम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पदम छेत्री ने आपत्ति जताई है। आर.बी.राई ने अपने बयान में मुख्यमंत्री पवन चामलिङ को गोर्खालैंड राज्य के गठन का पक्षधर बताया था। आर.बी.राई के उक्त बयान पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पदम छेत्री ने आर.बी. राई और मुख्यमंत्री पवन चामलिङ को एक ही स्वभाव के व्यक्ति कहा है। पदम छेत्री ने क्रामाकपा अध्यक्ष श्री राई पर गोर्खालैंड की मांग को लेकर इमानदार न होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने श्री राई को मुख्यमंत्री पवन चामलिङ का समर्थन करने से पहले विधानस
भा में पारित प्रस्ताव केन्द्रीय गृह मन्त्रालय के पास पहुंचा है या नहीं, इसकी छानबीन करने का सुझाव भी दिया। आर.बी. राई पर शुरू से ही गोर्खालैंड विरोधी होने का आरोप लगाते हुए श्री छेत्री ने गोर्खालैंड के नाम पर पवन चामलिङ का समर्थन कर श्री राई द्वारा दिए गए बयान को लेकर संदेह जताया है।

स्टेट ग्रीन मिशन के आठवें चरण की शुरुआत पर मुख्यमंत्री का राज्यवासियों के नाम सन्देश

गान्तोक। स्टेट ग्रीन मिशन के आठवें चरण की शुरुआत के मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री पवन चामलिङ ने राज्यवासियों के नाम एक संदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है, ‘राज्य हरित मिशन राज्य सरकार का ध्वज-पोत कार्यक्रम है। राज्य में कार्यान्वित हरित अभियान का यह आठवां साल है। सिक्किम की जनता को उनकी दैनन्दिन की गतिविधियों मे पारिस्थितिक पदचिह्न कम करने के प्रति जागरुक कराना और सिक्किम को देश के हरित राज्य के रूप में उभारना इस मिशन का दोहरा मकसद रहा है।
‘सिक्किम देश के भौगोलिक क्षेत्रफल का 0.2 प्रतिशत हिस्सा है लेकिन देश की 25 प्रतिशत जैव-विविधता अपने में समाए हुए है। जैव-विवधता का यह प्राचुर्य हमारे राज्य की जनता को सदियों से लाभ पहुंचाता आ रहा है और भविष्य में लाभ पहुंचाता रहेगा। इसकी अगाध प्राकृतिक सम्पदा और जीन पूल(जैविक कोष) जो हमारे वनों में संग्रहित है, इससे हम चिरस्थायी रूप से आर्थिक लाभ भी प्राप्त
‘मैं सभी से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हाथ बंटाने और सिक्किम को देश का ही नहीं पूरी दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण पर्यटन-स्थल के रूप में विकसित करने के हमारे मकसद को हासिल करने में सामूहिक कार्यवाही में शामिल होने की अपील करता हूं। इस कार्यक्रम से मिलनेवाले लाभ कई हैं जिसका परिमाण निर्धारित नहीं किया जा सकता लेकिन पर्यावरण के अन्तर्गत सकारात्मक सूचकांक के सन्दर्भ में आंका जा सकता है और लोगों को हमारी जैव-विविधता की धनाढ्यता के प्रति जागरुक बनाकर ग्रीन सिक्किम की चेतना जगाई जा सकती है।
मैं अपने सह-नागरिकों को राज्य हरित मिशन के आठवें चरण की शुरुआत के पुनीत अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं और सभी को इस कार्यक्रम में पूरे दिल से सहभागी होने के लिए आमन्त्रित करता हूं।
करते हैं। पर्यावरण पर्यटन, जिसे राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण अनुकूल तथा दीर्घकालिक आजीविका गतिविधि के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है, हमारे प्राकृतिक सम्पदा पर ही पनपता है।  राज्य में पर्या-पर्यटन को और भी बढ़ावा देने के लिए राज्य हरित मिशन प्रमुख समर्थन प्रणाली का अंग बनता है।

एयरपोर्ट निर्माण स्थल के आस-पास के घरों में दिखने लगीं दरारें पीडितों ने सरकार से पुर्नवास की लगायी गुहार

पाक्योंग। (अजय थापा) पाक्योंग में निर्माणाधीन ग्रीनफिल्ड एयरपोर्ट से ठीक नीचे डिक्लिंग डांडा गांव और भानु टर्निंग के छोटे-बड़े करके 23 मकानों को
स्थानीय लोगों से शिकायतें मिलने पर क्षेत्र विधायक एलएम लेप्चा ने आज इन घरों का मुआयना किया। उन्होंने डिकलिंग-डाडां गांव में बुरी तरह प्रभावित टीका गुरूंग के घर का सबसे पहले मुआयना किया। गुरूंग की तीमंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर की दीवारों और खंबो में बुरी तरह दरारें आई हुई है। विधायक ने सीएम दुलाल, कर्णमाया तमांग, किंगा छोड़े भूटिया, तेज बहादुर नेसुर के घरों का भी मुआयना किया । इसी तरह डोमा भूटिया, फिगु छिरिंग भूटिया और किंजोंग भूटिया के घरों को भी उन्होंने देखा।
विधायक लेप्चा को भानु टर्निंग के वार्ड पंचायत सूरज प्रधान ने जानकारी दी कि स्थानीय 23 घरों में दरारे उत्पन्न हुई है जिनमें से कुछ खतरे की स्थिति में पहुंच गये है। यहां पर संजू प्रधान, छेवांग रिन्जिंग भूटिया और साम्डुप भूटिया के घर दरारों से भरने लगे है। हमारे पास जितनी भी जमीन थी हम सारी की सारी एयरपोर्ट को दे चुके है। हमारे पास अब यही घर बचा है। अगर हमारे पास कहीं जमीन होती तो हम कबके यहां से जा चुके होते, साम्डुप भूटिया का कहना है। घर एयरपोर्ट के दीवारों से सटे होने से और दिन रात भारी मशीनों के कंपन से घर तो तबाह ही होने वाला है। भूटिया ने बताया कि कच्चे पत्थरों को प्रयोग कर निर्मित एयोरपोर्ट की दीवारों में भारी बोझ को ढ़ोने की क्षमता नहीं होने की वजह से ही नजदीकि मकानों को नुक्सानी हुई है। सभी मकान मालिकों का कहना है कि एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया और पाक्योंग के महकुमा अधिकारी के द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के बाद भी कोई काम नहीं हुआ। सर्वेक्षण के बाद सिर्फ कुछ मकानों को खाली करने को कहा गया लेकिन ज्यादातर मकान कमजोर बन चुके है।
महकुमा अधिकारी उर्वसी पौड्याल ने जानकारी दी है कि उन्होंने सर्वेक्षण की रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव को भेज दिया है जिसमें इस मामले की विस्तृत सर्वेक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति गठन की सिफारिस की है। उन्होंने कहा, अभी तक महकुमा कार्यालय में भानु टर्निंग के केवल चार परिवारों ने इस बाबत जानकारी दी है। उनके मकानों का निरीक्षण उच्च स्तरीय समिति करेगी। एयरपोर्ट निर्माण स्थल के ठीक नीचे के दो घरों को खाली कराया गया है और निर्माण स्थल के ठीक उपर के तीन मकानों में रहनेवालें को भी हटाया गया है जो नजदीकि घरों में किराये पर रह रहे है जिनका किराया निर्माता कंपनी दे रही है, महकुमा अधिकारी पौडयाल ने बताया।
निर्माण के दौरान प्रयोग किये जाने वाले भारी भरकम मशीनों के भारी आवाज और एयरपोर्ट के भारी दीवार की वजह से भारी नुक्सानी पहुंची है। एयरपोर्ट निर्माण स्थल से सटे लकड़ी और आरसीसी मकानों में दीवारों और खंबो में बड़े दरारें दिखने लगे है जिनका आयतन हरेक दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। बरसात के मौसम होने की वजह से दरारें और बढ़ने का खतरा है जिससे स्थानीयवासी त्रसित है और सरकार से तत्कालिक मदद चाहते है। अब स्थानीय लोग मांग करने लगे है कि उन्हें यहां से हटाकर वर्तमान दर में नुक्सानी का मुआवजा दिया जाए जिससे वे किसी दूसरे सुरक्षित जगह पर जमीन लेकर अपना घर बसा सकें।