Saturday, 15 June 2013

एयरपोर्ट निर्माण स्थल के आस-पास के घरों में दिखने लगीं दरारें पीडितों ने सरकार से पुर्नवास की लगायी गुहार

पाक्योंग। (अजय थापा) पाक्योंग में निर्माणाधीन ग्रीनफिल्ड एयरपोर्ट से ठीक नीचे डिक्लिंग डांडा गांव और भानु टर्निंग के छोटे-बड़े करके 23 मकानों को
स्थानीय लोगों से शिकायतें मिलने पर क्षेत्र विधायक एलएम लेप्चा ने आज इन घरों का मुआयना किया। उन्होंने डिकलिंग-डाडां गांव में बुरी तरह प्रभावित टीका गुरूंग के घर का सबसे पहले मुआयना किया। गुरूंग की तीमंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर की दीवारों और खंबो में बुरी तरह दरारें आई हुई है। विधायक ने सीएम दुलाल, कर्णमाया तमांग, किंगा छोड़े भूटिया, तेज बहादुर नेसुर के घरों का भी मुआयना किया । इसी तरह डोमा भूटिया, फिगु छिरिंग भूटिया और किंजोंग भूटिया के घरों को भी उन्होंने देखा।
विधायक लेप्चा को भानु टर्निंग के वार्ड पंचायत सूरज प्रधान ने जानकारी दी कि स्थानीय 23 घरों में दरारे उत्पन्न हुई है जिनमें से कुछ खतरे की स्थिति में पहुंच गये है। यहां पर संजू प्रधान, छेवांग रिन्जिंग भूटिया और साम्डुप भूटिया के घर दरारों से भरने लगे है। हमारे पास जितनी भी जमीन थी हम सारी की सारी एयरपोर्ट को दे चुके है। हमारे पास अब यही घर बचा है। अगर हमारे पास कहीं जमीन होती तो हम कबके यहां से जा चुके होते, साम्डुप भूटिया का कहना है। घर एयरपोर्ट के दीवारों से सटे होने से और दिन रात भारी मशीनों के कंपन से घर तो तबाह ही होने वाला है। भूटिया ने बताया कि कच्चे पत्थरों को प्रयोग कर निर्मित एयोरपोर्ट की दीवारों में भारी बोझ को ढ़ोने की क्षमता नहीं होने की वजह से ही नजदीकि मकानों को नुक्सानी हुई है। सभी मकान मालिकों का कहना है कि एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया और पाक्योंग के महकुमा अधिकारी के द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के बाद भी कोई काम नहीं हुआ। सर्वेक्षण के बाद सिर्फ कुछ मकानों को खाली करने को कहा गया लेकिन ज्यादातर मकान कमजोर बन चुके है।
महकुमा अधिकारी उर्वसी पौड्याल ने जानकारी दी है कि उन्होंने सर्वेक्षण की रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव को भेज दिया है जिसमें इस मामले की विस्तृत सर्वेक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति गठन की सिफारिस की है। उन्होंने कहा, अभी तक महकुमा कार्यालय में भानु टर्निंग के केवल चार परिवारों ने इस बाबत जानकारी दी है। उनके मकानों का निरीक्षण उच्च स्तरीय समिति करेगी। एयरपोर्ट निर्माण स्थल के ठीक नीचे के दो घरों को खाली कराया गया है और निर्माण स्थल के ठीक उपर के तीन मकानों में रहनेवालें को भी हटाया गया है जो नजदीकि घरों में किराये पर रह रहे है जिनका किराया निर्माता कंपनी दे रही है, महकुमा अधिकारी पौडयाल ने बताया।
निर्माण के दौरान प्रयोग किये जाने वाले भारी भरकम मशीनों के भारी आवाज और एयरपोर्ट के भारी दीवार की वजह से भारी नुक्सानी पहुंची है। एयरपोर्ट निर्माण स्थल से सटे लकड़ी और आरसीसी मकानों में दीवारों और खंबो में बड़े दरारें दिखने लगे है जिनका आयतन हरेक दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। बरसात के मौसम होने की वजह से दरारें और बढ़ने का खतरा है जिससे स्थानीयवासी त्रसित है और सरकार से तत्कालिक मदद चाहते है। अब स्थानीय लोग मांग करने लगे है कि उन्हें यहां से हटाकर वर्तमान दर में नुक्सानी का मुआवजा दिया जाए जिससे वे किसी दूसरे सुरक्षित जगह पर जमीन लेकर अपना घर बसा सकें।