Sunday, 9 June 2013

सिक्किम विश्‍वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारी

गान्तोक। आगामी 10 और 11 जून को सिक्किम विश्‍वविद्यालय ‘भारत में कानूनी शिक्षा के  भविष्य’ विषय पर दो दिन की राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने जा रहा है। इस संगोष्ठी में देश के विभिन्न प्रान्तों के कानूनविद हिस्सा लेंगे। संगोष्ठी का उद्घाटन राज्यपाल बाल्मिकी प्रसाद सिंह के हाथों किया जाएगा। इस मौके पर सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी.सी. कुरियाकोस  कानूनी शिक्षा पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। कहा जाता है कि भारत में कानूनी पेशा आजकल घरेलु दबाव के चलते गुणस्तर नहीं हो पा रहा है और सामाजिक परिप्रेक्ष में कानूनी पेशे ने आलोचनात्मक रूप अख्तियार कर लिया है। संगोष्ठी में प्राध्यापक एन.आर. महादेव मेनन अन्तर्राष्ट्रीय बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्राध्यापक बी.एस. चिम्नी, प्राध्यापक शशिकला गुरपुर, प्राध्यापक फैजान मुस्तफा और ओ.पी. जिन्दाल ग्लोबल विश्‍वविद्यालय सोनीपत के उपकुलपति सी. राजकुमार भी संगोष्ठी में भाग लेंगे। भारत के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश रुमा पाल संगोष्ठी में कानूनी शिक्षा पर अपने विचार रखेंगी। सिक्किम उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस.पी.वांगदी और उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश ए.पी.सुब्बा भी संगोष्ठी में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के समापन समारोह में सिक्किम विधान सभा अध्यक्ष के.टी. ग्याल्छेन मुख्य अतिथि के रूप में रहेंगे।