गान्तोक। हाल के कुछ सालों में ऐसे कई वित्तीय प्रतिष्ठान भारत के विभिन्न हिस्सों में और सिक्किम में भी प्रकट हुए हैं जो भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के अन्तर्गत नहीं आते। ऐसे बहुत से वित्तीय प्रतिष्ठान लोगों से उच्च ब्याज दर व अधिक लाभ का आश दिखाकर रकम लोगों से जमा करवाते हैं और रकम लौटाने का मियाद पूरे हो जाने के बाद वायदे के मुताबिक रकम लौटा नहीं पाते और लोग ठगे जाते हैं। इस पृष्भूमि के खिलाफ सिक्किम सरकार ने सिक्किम जमाकर्ता हित रक्षा(वित्तीय प्रतिष्ठानों में) अधिनियम, 2009 लागू किया हुआ है।
जनता से रकम वसूलने वाली ऐसी संस्थाओं की अनियंत्रित गतिविधियों पर लगाम लगाने और उक्त अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए प्रभावकारी तंत्र विकसित करने और वित्त विभाग, गृह विभाग, पुलिस, भारतीय रिजर्व बैंक और सेबी से सूचना सांझा करने के संबंध में सिक्किम सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता मेंे गठित कमिटी की बैठक 29 मई के दिन बैठी। बैठक में पुलिस महानिर्देशक, वित्त व गृह विभाग के आयुक्त एवं सचिव, भारतीय रिजर्व बैंक, कोलकाता, सेबी, गुवाहाटी और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।