Sunday, 2 June 2013

युवा हरि नेपाल ने बांटा चीन भ्रमण का अनुभव

गान्तोक। (निससं) भारत और पड़ोसी चीन के युवाओं के मध्य हुए विनिमय कार्यक्रम में भाग लेकर चीन भ्रमण में गये राज्य के युवा हरि नेपाल ने आज अपना अनुभव संवाददाताओं के सामने रखा। पूर्व सिक्किम खेसे सामदोंग के नेपाल ने केंद्रीय खेलकूद एवं युवा मामला मंत्रालय के सहयोग में पिछले महीने 12 से 21 मई तक पड़ोसी मुल्क चीन का दौरा किया था। उस भ्रमण पर अपना अनुभव सुनाते हुए युवा नेपाल ने कहा, साल 1993 तक एशिया महाद्वीप के दो महाशक्ति भारत और चीन का विकास गति बराबर का था लेकिन उसके बाद चीन ने अपनी आर्थिक विकास नीति और परिवार में एक सन्तान की नीति को अपनाते हुए अपनी विकास गति को तीव्र बनाया।
चीनी नागरिक अधिक अनुशासित है और समय का महत्व बखूबी समझते है जिससे उन्होंने विकास की गतिको तीव्रता दिया। खेलकूद मंत्रालय ने देश के विभिन्न प्रान्तो से कूल सौ युवकों को भ्रमण के लिए चयन किया था। युवाओं का नेतृत्व मंत्रालय की एक सचिव नीता चंद्र ने किया था। भ्रमण टोली में राजनीति, सामाजिक और शिक्षा क्षेत्र में संग्लग्न युवाओं की सहभागिता रही थी।
सामाजिक संस्था सोसियल वेलफेयर युथ एसोसिएशन, साम्दोंग के सक्रिय सदस्य हरि नेपाल को साल 2009 में नेहरू युवा केंद्र संगठन गान्तोक से युवा पुरस्कार मिल चुका है। नेपाल ने बताया कि वह पथभ्रष्ट बने राज्य के युवाओं के लिए अभिमुखी कार्यक्रम और बच्चों के लिए सचेतना अभियान संचालन करना चाहते है। अपना अनुभव बताने के दौरान उन्होंने चीन के ऐतिहासिक  महानगरों, आधुनिक कृषि पद्वति, ऑटो मोबाइल इंजिनियरिंग और खेल प्रशिक्षण केंद्र के भ्रमण के अनुभवों को साझा किया। खेलकूद के लिए चीन बच्चों को पांच साल की उमर से ही आधिकारिक तौर पर विभिन्न खेल संबन्धी प्रशिक्षण देता है जिसकी वजह से चीन दुनिया में खेल-कूद में हमेशा अव्वल रहता है। खेल प्रति की सोंच, संकल्प और कार्यक्रमों की वजह से चीन दुनिया में पहले नंबर पर रहता आया है जिससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए, युवा नेपाल ने कहा।