Sunday, 2 June 2013

भारी वारिस और भूस्खलन से जोरथांग लेगसेप मार्ग पूरी तरह ठप

 गेजिंग। (निससं) पश्‍चिम सिक्किम की मुख्य सड़क मार्ग माने जाने वाले जोरथांग-लेगसेप के बीच स्थित तातोपानी ़भीर क्षेत्र में पिछले 27 मई से हो रही मूसलधार बारिस की वजह से भीषण भूस्खलन होने की खबर है। भूस्खलन से सड़क मार्ग पूरी तरह ध्वस्त होने की वजह से यहां पर यातायत ठप पड़ गया है। पिछले 28 मई की रात मियोंग गांव से शुरू हुए भूस्खलन से सड़क मार्ग बंद है जिससे गेजिंग से जोरथांग, सिलिगुड़ी ती तरफ जाने वाले यात्रीवाहक वाहनों को घूमकर राभोंगला, दामथांग, नाम्ची होकर जाना पड़ रहा है। जिले के मुख्य सड़क मार्ग इस तरह ठप हो जाने से गेजिंग की स्थिति कालापानी जैसी बन गई है। गेजिंग, योक्सम, टाशिडिंग और पेलिंग के लिए राशन और अन्य खाद्य सामाग्रियों को लेकर जाने वाले वाहन रास्ते में ही फंसे हुए है। लोगों को अंदेशा है कि अगर हालात कुछ और दिनों तक ऐसे ही रहे तो खाद्य सामाग्रियों की भारी किल्लत हो सकती है। पर्यटन मौसम होने की वजह से राज्य में बड़ी संख्या में आए सैलानियों को भी सडक मार्ग की इस स्थिति ने दुविधा पैदा कर दी है। पर्यटकों और स्थानीय छात्रों को इस प्राकृतिक आपदा की वजह से बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय बिर्खबहादुर राई ने बताया कि सरकार और विभाग से इस समस्या से बार-बार अवगत कराये जाने के बावजूद भी समस्या का कोई समाधान नही निकाला गया है। जहां से भूस्खलन हो रहा है उसके ठीक उपर 20 से 25 घर है जो भूस्खलन की चपेट में है। इनमें से कुछ परिवारों को दूसरी जगहों पर रखा गया है तो कुछ परिवार जान की बाजी रखकर बैठे हुए है।
राज्य के जन कार्य विभाग की तरफ से भूस्खलन की रोकथाम के लिए कोई खास उपाय नहीं किये है। मूसलधार बारिस की वजह से कोई भी काम आगे नहीं ब़ढ़ पा रहा है और बंद सड़क मार्ग ज्यों का त्यों है। बहुत प्रयास करने के बाद भी बात आगे नहीं बढ़ने की जानकारी देते हुए विभागीय अभियंता केशव छेत्री ने बताया कि जब तक बारिस नहीं थम जाती तब तक सड़क मार्ग खुलने की कोई गुंजाईस नहीं है। पिछले साल से यहां हो रही भूस्खलन की वजह से स्थानीय नागरिकों के साथ ही बाहर से घूमने आये सैलानियों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।